IMD Rain Alert: मार्च 2026 के दूसरे पखवाड़े में देश के मौसम ने अप्रत्याशित रूप से करवट ली है। जहां महीने की शुरुआत में उत्तर भारत के कई हिस्सों में तेज गर्मी लोगों को परेशान कर रही थी, वहीं अब अचानक मौसम सुहावना और ठंडा महसूस होने लगा है। तापमान में आई इस गिरावट का मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभों की लगातार सक्रियता और वायुमंडल में बन रहे विभिन्न मौसमी सिस्टम हैं। इन बदलावों के चलते पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी हो रही है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में भी हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल रही है।
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यह स्थिति कुछ दिनों तक बनी रह सकती है, जिससे अप्रैल के मध्य तक लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलती रहेगी। देश के कई हिस्सों में आंधी, बिजली और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना भी जताई गई है, जिससे मौसम और अधिक ठंडा बना रह सकता है।
उत्तर भारत में मौसम का बदलता स्वरूप
उत्तर भारत के राज्यों में मौसम में स्पष्ट बदलाव देखने को मिल रहा है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश और बर्फबारी का दौर जारी है। इन इलाकों में ठंडी हवाओं के साथ मौसम खराब बना हुआ है, जिससे तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया है।
पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी मौसम सक्रिय हो गया है। 26 मार्च के आसपास इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा 29 मार्च के आसपास एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जो फिर से मौसम को प्रभावित करेगा। राजस्थान के कई हिस्सों में भी 28 और 29 मार्च को बारिश और आंधी का असर देखने को मिल सकता है।
देशभर के 18 राज्यों में मौसम रहेगा सक्रिय
मौसम विभाग के अनुसार, देश के करीब 18 राज्यों में इस समय मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। उत्तर भारत के साथ-साथ पूर्वी, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश होगी, जबकि कुछ स्थानों पर तेज बारिश और गरज-चमक के साथ मौसम बिगड़ सकता है।
पूर्वोत्तर भारत में मौसम का प्रभाव सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी वर्षा की संभावना है, जबकि नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी तेज बारिश और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
पूर्वी भारत में भी बारिश के आसार
पूर्वी भारत के राज्यों जैसे बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी मौसम का असर दिखाई दे रहा है। यहां कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज वर्षा की संभावना है।
झारखंड में 27 और 28 मार्च के दौरान मौसम अधिक सक्रिय रहने की संभावना है। वहीं बिहार में भी तेज हवाओं और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है, जिसके चलते लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में ओलावृष्टि की संभावना भी जताई गई है।
मध्य भारत और महाराष्ट्र में हल्की गतिविधियां
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। हालांकि यहां मौसम का प्रभाव उत्तर और पूर्वोत्तर भारत जितना तीव्र नहीं है, लेकिन तापमान में गिरावट जरूर दर्ज की गई है।
महाराष्ट्र के कुछ क्षेत्रों में हाल ही में हल्की बारिश देखने को मिली है, जिससे मौसम में हल्की ठंडक आई है। हालांकि राज्य के कई हिस्सों में अभी भी दिन के समय गर्मी बनी हुई है, लेकिन शाम और रात के समय मौसम सुहावना महसूस हो रहा है।
दक्षिण भारत में भी बदला मौसम
दक्षिण भारत के राज्यों में भी मौसम का असर देखने को मिल रहा है। तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, रायलसीमा और केरल में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि केरल और कोंकण-गोवा के क्षेत्रों में अभी भी गर्म और उमस भरा मौसम बना हुआ है, लेकिन बीच-बीच में बारिश से राहत मिल रही है।
दिल्ली-एनसीआर का मौसम
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में फिलहाल मौसम संतुलित बना हुआ है। दिन के समय हल्की गर्मी महसूस हो रही है, लेकिन सुबह और रात के समय ठंडक बनी हुई है। आने वाले दिनों में तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन 26 मार्च के आसपास बारिश और तेज हवाओं के कारण मौसम फिर से ठंडा हो सकता है।
29 मार्च को एक और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है, जिससे दिल्ली-एनसीआर में मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में प्रभाव
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी रहने की संभावना है, जिससे वहां ठंडक बनी रहेगी। वहीं उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है, खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 26 से 29 मार्च के बीच इसका प्रभाव अधिक रहेगा।
यहां दिन का तापमान लगभग 28 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जबकि रात के समय हल्की ठंड महसूस की जा रही है।
मौसम में बदलाव के पीछे कारण
मौसम में आए इस बड़े बदलाव के पीछे मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभों की सक्रियता है। ये विक्षोभ बार-बार उत्तर भारत की ओर बढ़ रहे हैं और मौसम को प्रभावित कर रहे हैं। इसके अलावा, विभिन्न क्षेत्रों में बने चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ लाइन भी इस बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इन सभी कारकों के संयुक्त प्रभाव से देश के कई हिस्सों में बारिश, बर्फबारी और तेज हवाएं देखने को मिल रही हैं, जिससे तापमान में गिरावट आई है।
अप्रैल तक मिल सकती है राहत
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि मार्च के अंत तक यह मौसम बना रह सकता है और अप्रैल के मध्य तक लोगों को तेज गर्मी से राहत मिल सकती है। हालांकि इसके बाद तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे गर्मी अपने चरम पर पहुंच सकती है।
फिलहाल, देशभर में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज लोगों को राहत दे रहा है, लेकिन आंधी, बिजली और ओलावृष्टि जैसी घटनाओं को देखते हुए सतर्क रहना भी जरूरी है।






